Web Hosting क्या है ? Web Hosting के प्रकार कोनसे है ?

दोस्तों अगर आपको नहीं पता कि web hosting क्या होती है, कैसे काम करती है तो आज का यह लेख आपके लिए है। आज हम web hosting का meaning हिंदी में समझेंगे। अगर आप एक कॉलेज स्टूडेंट है या फिर आप अपनी website बनाने जा रहे हैं। तो आपको web hosting के बारे में कुछ बातें पता होनी चाहिए।

बातें जैसे की hosting कैसे काम करती है, Web hosting के प्रकार, Seo friendly web hosting कैसे चुने और किस प्रकार की hostingआपके लिए सही रहेगी। यह सारी बातें आज इस लेख में मैं आपको बताऊंगा। तो चलिए शुरू करते हैं सबसे पहले web hosting का meaning समझने से।

Meaning Of Web Hosting In Hindi 

Web hosting एक ऐसी सर्विस है जो किसी कंपनी, Organization या फिर Individual person को इंटरनेट पर website या फिर webpage पोस्ट करने में मदद करती है।

Web host और Web hosting प्रोवाइडर्स वह होते हैं जो उन टेक्नोलॉजी और सर्विसेस को प्रोवाइड करते हैं। जो किसी भी website या webpage को इंटरनेट पर दिखाने के लिए जरूरी होती है।

Web Hosting कैसे काम करती है ?

जैसा कि आपको पता है website बनाने के लिए आपको domain और web hosting की जरूरत होती है। अब आपको यह भी पता है website की फाइल्स को इंटरनेट यूजर्स को दिखाने के लिए हम उन फाइल्स को web hosting जो कि server होता है उसमें स्टोर करके रखते हैं।

ताकि कोई भी इंटरनेट यूज़र आपके web page को एक्सेस कर पाए। अब जब कभी कोई यूजर आपके website के domain name को ब्राउज़र में इंटर करेगा तो सबसे पहले ब्राउज़र आपकी web hosting सरोवर से कांटेक्ट करेगा।

मतलब की browser website के files के लिए server को request भेजेगा। अब server मिले हुए request को चेक करके पता लगाएगा कि आखिर request की गई फाइल server पर अवेलेबल है या नहीं।

अगर files होगी तो server जो कि हमारे website का host है वह यूजर को उसके request किए गए files या फिर रिसोर्स को ब्राउज़र के through प्रोवाइड कर देगा। तो दोस्तों इस तरह web hosting काम करती है।

अब आगे जानते हैं कि web hosting कितने प्रकार की होती है, उनके फायदे और नुकसान और कौन सी web hosting आपको कब लेनी चाहिए।

Web Hosting के प्रकार कौन से हैं ?

1. Dedicated Hosting

Dedicated Hosting में web hosting कंपनी आपको पूरा एक Dedicated server देती है। समझ कर चलिए की कंपनी ने एक server बनाया है जिसमें 50 GB RAM, i3 प्रोसेसर और 1000 TB HDD है।

यह server उन्होंने आपको दे दिया है और अब आप इसमें जो चाहे वह कर सकते हैं। लेकिन इसकी cost जो होगी वह बाकी hosting से कहीं ज्यादा होगी।

Dedicated Hosting का फायदा यह है कि आपको किसी के साथ server को शेयर नहीं करना पड़ेगा। मतलब कि इस server पर सिर्फ आपका data store रहेगा। जिससे कि आपके website के performance पर असर नहीं होगा और आपकी website ज्यादा secure भी रहेगी।

Dedicated Hosting उन लोगों के लिए है जो कोई बड़ी organization चलाते हैं। या फिर उनकी website पर traffic इतना ज्यादा है कि उन्हें अच्छा processor और RAM की जरूरत पड़ जाए।

Advantages

  • Dedicated Resources
  • Flexible
  • Powerful
  • Secure
  • Range of Options

Disadvantages

  • ज्यादा लागत
  • Requires technical knowledge

2. Virtual Private Server (VPS) Hosting

VPS Hosting एक virtual private server है तो यह dedicated server से अलग कैसे है?

तो होता क्या है की जब कंपनी dedicated server बनाती है। तो वह उसे कही भाग में divide करती हैं। मान के चलिए कि कंपनी के पास एक dedicated server है जो कि 50 GB RAM के साथ है।

अब कंपनी क्या करेगी इस ५० GB के dedicated server को वो 100 भाग में divide करेगी। और हर एक भाग को 2 GB RM assign कर देगी और अलग अलग लोगो को उस dedicated server का एक एक भाग बेच देगी।

अब यह VPS Hosting किन लोगों के लिए सही है ? यह जो VPS Hosting है यह एक तरह से private server होता है जैसे dedicated server होता है। बस फर्क इतना होता है कि dedicated server का इस्तेमाल वह लोग करते हैं जिन्हें ज्यादा resources की जरूरत होती है।

VPS Hosting वो लोग करते है जिनके website पर ज्यादा traffic नहीं है मतलब की moderate level का traffic ही होता है।

Advantages

  • Privacy & Security
  • Cost effectiveness
  • Dedicated Resources
  • Full Control

Disadvantages

  • Limited Resources
  • Requires technical knowledge

3. Shared Hosting

Shared hosting यह सबसे common hosting होती है जो हर नया blogger इस्तेमाल करता है। जब किसी dedicated server को कहीं part में divide करके VPS Hosting बनाया जाता है। तो VPS Hosting को वह कुछ और भाग में divide करते हैं जिसे shared hosting कहते है।

लेकिन shared hosting में एक ही processor, ram,और space को कहीं लोगों के साथ बांटा जाता है। इसका मतलब यह है कि आपकी website जिस server पर host है उसी server पर और भी कहीं website host होती है।

जो same processor, ram और space का इस्तेमाल कर रही होती है। Shared hosting का एक नुकसान होता है जोकि है अगर किसी और website पर traffic बढ जाए तो आपकी website down हो जाती है।

ऐसा ना हो इसलिए hosting कंपनी जिस website पर ज्यादा traffic होता है। उसकी service कुछ समय के लिए बंद कर देती है।

तो इसका मतलब कि अगर आपकी website पर ज्यादा Traffic आता है और आपने shared hosting ली हुई है। तो ज्यादा traffic से बाकी website के performance पर असर ना हो इसलिए आपकी website को कुछ समय के लिए बंद कर दिया जा सकता है।

तो shared hosting का इस्तेमाल किसने करना चाहिए ? Shared hosting उन website के लिए अच्छी होती है जिन पर ज्यादा traffic नहीं होता है। Shared hosting नए website के लिए अच्छी होती है क्युकी उनपर ज्यादा traffic नहीं होता।

Advantages

  • कम लागत
  • Simplicity

Disadvantages

  • System Crashes (due to heavy traffic on sites)
  • Performance Problem
  • Security

4. Website Builder

Website builder hosting सर्विसेज उन लोगों के लिए बनाई गई है जिनके पास technical skills नहीं होती लेकिन वह hosting पर website बनाना चाहते हैं। Website builder आपको एक यूजर इंटरफेस प्रोवाइड करता है। जिसका इस्तेमाल करके आप कुछ ही मिनट में अपनी website को बना सकते हैं।

Advantages

  • Technical Skill की जरूरत नहीं
  • कम लागत

Disadvantages

  • SEO करने के लिए मुश्किल
  • हमेशा मोबाइल friendly पेज ना बनना
  • Limited features

5. Reseller Web Hosting 

यह एक ऐसी hosting है जो बिजनेस के लिए इस्तेमाल की जाती है। इसमें होता यह है कि आपको shared hosting प्रोवाइडर की जाती है। लेकिन कुछ extra controls के साथ।

Reseller hosting को दोबारा बेचने के लिए खरीदा जाता है। अगर आप अपनी खुद की कंपनी बनाकर hosting बेचना चाहते हैं और छोटा सा बिजनेस करना चाहते हैं तो reseller hosting आपके लिए है।

Reseller hosting में आपको आपके clients के लिए billing software दिया जाता है और इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि आपको कस्टमर सपोर्ट का टेंशन नहीं। मतलब कि कंपनी आपके clients की सभी टेक्निकल issues खुद handle करती है।

अगर आप hosting बेचने का बिजनेस करना चाहते हैं तो ही आप reseller hosting खरीदिये, नहीं तो अपनी खुदकी वेबसाइट बनाने के लिए आप shared hosting को खरीद सकते हैं।

Advantages

  • ज्यादा control
  • earning
  • Customer को support का टेंशन नहीं

Disadvantages

  • Customers को service अच्छी मिलेगी अगर company की service अच्छी होगी

6. Cloud Based Web Hosting

Cloud एक तरह का बादल है मगर वह बादल नहीं जो हम आसमान में देखते हैं। Web hosting में cloud server का एक समूह है। यह एक ऐसी टेक्नोलॉजी है जो कहीं सारे छोटे server को मिलाकर एक साथ काम कराती है। जिससे यह एक बड़े server की तरह दिखाई देता है।

Cloud hosting का फायदा यह है कि अगर आप की website पर ज्यादा ट्राफिक आ जाए तो यह उस ट्रैफिक को आसानी से झेल लेता है। वही बाकी hosting की बात करें तो वहा ऐसा नहीं होता वहा आपके hosting प्लान से ज्यादा resources इस्तेमाल हो जाए या फिर ज्यादा ट्रैफिक आ जाए तो आपकी website down हो जाती है।

जबकि cloud hosting आपके website को down नहीं होने देती। Cloud hosting आपकी जरूरत के हिसाब से resources इस्तेमाल करती है।

Advantages

  • अनुमापकता
  • बेहतर प्रदर्शन
  • कम लागत

Disadvantages

  • Maintain रखना मुश्किल (अगर आपको टेक्निकल ज्ञान नहीं है )

दोस्तों, अब तक हमने काफी web hosting के प्रकार समझ लिए हैं। लेकिन जब आप shared hosting या फिर विभिन्न hosting खरीदने जाते हैं। तो कुछ बातें आपको confuse कर देती है।

जैसे कि managed web hosting और self managed web hosting क्या है, Linux hosting और Windows Hosting में क्या अंतर है। जिनके बारे में हम आगे समझते हैं ताकि आप इनमें confuse ना हो जाए। लेकिन उसके पहले wordpress hosting के बारे में जानते है।

WordPress Hosting 

लोग अक्सर यहां पर confuse हो जाते हैं की shared  hosting और wordpress hosting में क्या फर्क है। दोस्तों वर्डप्रेस hosting भी बाकी hosting की तरह ही होती है।

WordPress एक कंटेंट मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर है जिसका इस्तेमाल blog या फिर website बनाने के लिए किया जाता है। अब वर्डप्रेस hosting में होता क्या है कि उसको कुछ इस तरह से optimize  किया जाता है।

कि वह wordpress के security और performance के मांग को पूरा कर सके। इस होस्टिंग में आप बिना किसी टेक्निकल नॉलेज के wordpress इंस्टॉल कर सकते हैं। कही hosting प्रोवाइडर्स wordpress अपने आप ही अपडेट करते रहते हैं।

कई hosting प्रोवाइडर्स आपको wordpress hosting monthly विजिटर के हिसाब से प्रोवाइड कराते है।

Managed Hosting

Managed hosting का मतलब होता है की जब भी आप कोई web hosting लेते हैं तो आपको दो plan दिए जाते हैं। जिसमें से पहला होता है managed hosting. Managed hosting में आपको आपके hosting को कंट्रोल और मैनेज करने के लिए एक सॉफ्टवेयर दिया जाता है जिसे हम c-panel कहते हैं।

इसके जरिए आप आसानी से अपने hosting की फाइल, डेटाबेस और बाकी चीजों को कंट्रोल कर सकते हैं।

Self Managed Hosting

जैसा कि हमने कहा था कि Managed hosting में आपको सॉफ्टवेयर दिया जाता है ताकि आप अपने hosting को कंट्रोल कर सके। लेकिन अगर आप self managed hosting खरीदते हैं तो आपको वहां कोई सॉफ्टवेयर नहीं दिया जाता।

जिससे आप उस hosting को कंट्रोल कर सके। उसके लिए आपको टेक्निकल नॉलेज की जरूरत होती है। अगर आपको कोडिंग का पूरा ज्ञान है और आप coding से अपने hosting को हैंडल कर सकते हैं।

तो आप self managed hosting का चुनाव करें। क्योंकि इसमें आपको कोई भी कंपनी की तरफ से website बनाने में सहायता नहीं मिलती। इसलिए इसकी लागत भी managed hosting से बहुत कम होती है।

Linux Hosting

Linux hosting में linux ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है। जिसमें CLI कंसोल की जरूरत होती है जो कम मेमोरी इस्तेमाल करता है। Linux Operating system ज्यादा सिक्योरिटी प्रोवाइड करती है।

Linux एक ओपन सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम है जिस वजह से इसमें इस्तेमाल किए जाने वाले सॉफ्टवेयर जैसे wordpress, phpbb मुफ्त होते हैं। Linux operating सिस्टम में hosting को मैनेज करने के लिए कंट्रोल पैनल प्रोवाइड किए जाते हैं जो ज्यादातर c-panel, WHM और Plesk होते हैं।

Linux में आप बहुत सी प्रोग्रामिंग languages जैसे php, python से बानी applications का इस्तेमाल कर सकते हैं।

Linux hosting में ज्यादातर MySql डेटाबेस का इस्तेमाल किया जाता है। अगर आप अपनी website बनाना चाहते हैं। तो linux  hosting आप खरीद सकते हैं क्योंकि यह ऐसी operating सिस्टम है जिसमें हर तरह के applications इंस्टॉल हो जाते हैं।

Windows Hosting

Windows Hosting में Windows ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है। जिसे ज्यादा मेमोरी की जरूरत होती है। अगर इसे ज्यादा से memory ना दी जाए तो यह हैंग करने लगती है।

Windows Linux से कम secure होता है। Windows सिर्फ फायरवॉल के रूप में ही सिक्योरिटी को प्रोवाइड करता है। windows hosting में आपको c-panel, WHM जैसे कंट्रोल पैनल नहीं दिए जाते।

Windows hosting मैं आपको Plesk और website panel जैसे कंट्रोल पैनल प्रोवाइड किए जाते हैं। Windows में सिर्फ asp.net language में बनी एप्लीकेशन का ही इस्तेमाल किया जाता है। Windows ऑपरेटिंग सिस्टम में MSSQL डेटाबेस का इस्तेमाल किया जाता है।

Linux और Windows Hosting में से कौन सी Hosting खरीदें ?

देखा जाए तो ज्यादातर लोग Linux hosting का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि यह ज्यादा security प्रोवाइड करती है। Linux hosting में आप कई सारे प्रोग्रामिंग languages से बनी applications इस्तेमाल कर सकते हैं।

जिस वजह से यह काफी रिलाएबल ऑपरेटिंग सिस्टम बन जाती है। वहीं दूसरी ओर विंडोज ऑपरेटिंग वाली hosting में आप Linux OS का इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन Windows आपको वह पूरी performance और सिक्योरिटी प्रोवाइड नहीं करेगा जो Linux आपको कर रहा है।

तो चाहे आप wordpress इस्तेमाल करें या कोई और सॉफ्टवेयर आपको Linux Operating सिस्टम वाली hosting ही खरीदनी चाहिए।

Hosting कहा से ख़रीदे ?

Hosting को आप कही hosting providers से खरीद सकते है। जिनमे से सबसे अच्छे है Hostgator, Bluehost, Digital Ocean।

अगर आप चाहते है की आपकी वेबसाइट की स्पीड बहोत फ़ास्ट रहे तो आपको सबसे अच्छा प्लान का चुनाव करना चाहिए। अगर आपके वेबसाइट पर अच्छा ट्रैफिक है तो vps hosting का इस्तेमाल कीजिये।


तो दोस्तों, यह था आज का लेख जहा पर हमने बात की web hosting के बारे में और जाना की Web hosting का meaning क्या है, Web hosting के प्रकार कोनसे है और आखिर आप Web hosting कहा से खरीद सकते है।

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S. Ekapure

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम अंकुश एकापुरे है. मै पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हु. मै महाराष्ट्र का रहने वाला हु. मैंने Snoopy Blogger इस लिए शुरू की ताकि मै भारत के लोगो को इस Blog के माध्यम से जानकारी दे सकू.

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