PhD क्या है ? PhD किसे करनी चाहिए और PhD कैसे करे ?

अगर आप PhD के बारे में जानना चाहते हैं, या फिर आपको जानना है कि PhD क्या है (what is phd in hindi) और कैसे करें। तो आज हम आपको सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से देंगे।

आज हम इस लेख के माध्यम से जानेंगे कि PhD क्या है, PhD किसे करनी चाहिए, PhD करने के क्या फायदे होते हैं। साथ ही में हम जानेंगे कि PhD करने के लिए क्या qualification चाहिए और PhD से जुड़े कुछ सवाल और जवाब।

PhD क्या है जानने से पहले आप PhD का फुल फॉर्म जान लीजिए।

PhD Full Form: Doctorate of Philosophy

PhD क्या है? (What Is PHD In Hindi?)

PhD एक post graduate doctorate डिग्री है, जिसे उन विद्यार्थियों को दिया जाता है जिन्होंने किसी विषय का अभ्यास कर उसमें expertise हासिल की है। PhD किसी भी विषय की एक सर्वोच्च डिग्री है। मतलब कि अगर आप PhD करते हैं, तो ऐसा समझ लीजिए कि आपने अपने विषय की सारी पढ़ाई पूरी कर ली है और अब आप अपने विषय में विशेषज्ञ है।

PhD डिग्री हासिल करने वालों को information creator भी कहा जाता है। अगर आप PhD की पढ़ाई पूरी कर PhD डिग्री हासिल करते हैं तो आपके नाम के आगे DR लगाया जाता है।

PhD किसे करनी चाहिए ?

अगर आप PhD क्या है समझ गए हैं, लेकिन फिर भी आप तय नहीं कर पा रहे कि आपको PhD करनी चाहिए या नहीं। तो चलिए आपकी यह परेशानी को हम दूर करने की कोशिश करते हैं।

अगर आप आगे चलकर भविष्य में किसी कॉलेज में lecturer या फिर professor बनना चाहते हैं, तो आपको PhD करनी चाहिए।

PhD करके आप किसी भी कॉलेज में lecturer या फिर प्रोफेसर बन सकते हैं। PhD करके आप अपनी खुद की किताब पब्लिश कर सकते हैं, मतलब की आप एक author बन सकते हैं।

PhD करने से आपको किसी particular विषय की पूरी जानकारी हो जाती है, जिस वजह से आप उस विषय में खुद की रिसर्च कर नई बातें ढूंढ सकते हैं। अगर ऊपर दिए गए बातों में से कोई भी आपका लक्ष्य है, तो आपको PhD करनी चाहिए। PhD करके आप lecturer, professor, researcher और author बन सकते हैं।

List of Subjects for PhD Course

  • PhD in Hindi
  • PhD in Engineering
  • PhD in English
  • PhD in Creative Writing
  • PhD in Philosophy
  • PhD in Fine Arts
  • PhD in Sanskrit
  • PhD in Geography and Geology
  • PhD in History
  • PhD in Environmental Science
  • PhD in Home Science
  • PhD in Physics
  • PhD in Archaeology
  • PhD in Future and Development Studies
  • PhD in Economics
  • PhD in Mathematics
  • PhD in Accounting etc..

Qualification Required for PhD

Education

PhD के लिए qualify करने के लिए आपको 12th, graduation और post-graduation करना होगा। अगर आप पहले से सोच कर चल रहे हैं कि आपको आगे चलकर PhD करनी है। तो फिर हो सके तो आपको 12th, graduation और post-graduation में एक ही विषय पर पढ़ाई करनी चाहिए।

आपको उसी विषय में पढाई करनी चाहिए जिस विषय में आपको PhD करनी है। इससे उस विषय में आपको अच्छी खासी जानकारी मिल जाएगी और आपको PhD करने में आसानी होगी।

Marks और Percentage

PhD के लिए eligible होने के लिए आपको कम से कम 55% से 60% मार्क्स होने चाहिए। तो कोशिश करें जब भी आप मास्टर डिग्री यानी post graduation करने जाए तो minimum 60% आपको लाने ही है।

PhD कैसे करे ?

1. विषय का चुनाव करें

सबसे पहले आपको अपने पसंदीदा विषय का चुनाव करना है। आप जिस किसी विषय में अपना करियर बनाना चाहते हैं और जिसमें आपकी रुचि है उसी विषय का चुनाव करें और अपनी पढ़ाई उस विषय में पूरी करें।

2. 12th की पढ़ाई करें

अपने पसंदीदा विषय का चुनाव करने के बाद अब आपको 12th की परीक्षा अच्छे अंकों के साथ उत्तीर्ण होना होगा। ध्यान रखें कि 12th में आप अपने पसंद का विषय हि ले। आपको 12th को वही विषय लेना है, जिसमें आप आगे चलकर PhD करना चाहते हैं।

3. Graduation पूरा करें

12th पास करने के बाद आपको किसी अच्छे कॉलेज में एडमिशन लेनी है और अपना graduation पूरा करना है। जिस तरह आपने 12th में अपना पसंदीदा विषय चुन कर उस में पढ़ाई की थी, उसी तरह आपको graduation के लिए भी उसी विषय का चुनाव करना है।

4. Post-Graduation करें

जब आप 12th graduation पूरा कर लेंगे, तो अब आपको उसी विषय में मास्टर डिग्री हासिल करनी होगी। क्योंकि बिना मास्टर डिग्री के आप PhD के लिए अप्लाई नहीं कर सकते। आपको अपनी मास्टर डिग्री / post-graduation उसी विषय में पूरी करनी है, जिस विषय में आपने 12th और graduation को पूरा किया था।

5. UGC NET प्रवेश परीक्षा दे

UGC NET यह राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा है जिसे हम UGC NET के नाम से जानते हैं। अगर आप पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद PhD करना चाहते हैं, तो आपको यूजीसी नेट की प्रवेश परीक्षा देनी होगी और उसमें उत्तीर्ण भी होना होगा।

यूजीसी नेट परीक्षा को पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद विश्वविद्यालय में प्रवेश हेतु लिया जाता है। PhD करने के लिए यूजीसी नेट परीक्षा देना आपके लिए अनिवार्य होता है। इसलिए UGC NET प्रवेश परीक्षा के लिए अप्लाई करें।

6. PhD प्रवेश परीक्षा दे

UGC NET परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद अब आपको आखरी पड़ाव पार करना होता है। जिसके बाद आप PhD कर सकते हैं। इस आखिरी पड़ाव में आपको PhD प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्ण होना होता है। अगर आप PhD प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्ण हो जाते हैं, तो आपको PhD कोर्स के लिए admission मिल जाएगी।

7. Course पूरा करें

PhD कोर्स के लिए admission मिलने के बाद, अब जो आखरी काम बचा है वह अपने पसंदीदा विषय में PhD की पढ़ाई करके एक विशेषज्ञ बनना। अब जब आपको PhD कोर्स के लिए एडमिशन मिल चुकी है तो आपको इस कोर्स को पूरा करना है और PhD की डिग्री को हासिल करके अपने विषय का एक्सपर्ट बनना है।

PhD करने के फायदे

1. खुद की मर्जी के मालिक

अगर आप PhD करते हैं तो आप खुद के मालिक बन अपने मन मुताबिक काम कर सकते हैं। जबकि आप एक PhD डिग्री होल्डर है, तो आप अपनी खुद की रिसर्च कर सकते हैं, उसको analyze कर सकते हैं और इन कामो में आपको कोई रोक-टोक नहीं कर सकता। आप जब चाहे तब अपने रिसर्च को शुरू कर सकते हैं और उसे अपने हिसाब से publish कर सकते हैं।

2. अपनी पसंद का काम करना

दोस्तों अगर आप PhD करते हैं तो शायद ही ऐसा होगा कि आपने जिस विषय में पढ़ाई की हुई है वह विषय आपके पसंद का नहीं है। PhD करने का यह और एक फायदा है कि आप अपने मनपसंद विषय की पढ़ाई कर सकते हैं, उसमें रिसर्च कर सकते हैं। आपको अपना मन मार कर किसी और विषय में काम करने की जरूरत नहीं पड़ती।

3. PhD से Experience का बढ़ना

जब भी आप किसी विषय में PhD करते हैं, तो इसका मतलब होता है कि आप उस विषय में एक विशेषज्ञ है। साथ ही में PhD करने के बाद आप उस विषय पर रिसर्च और Analysis कर सकते हैं।

जिससे आपका experience बढ़ता है, आपको नई बातें पता चलती है, यही नहीं PhD करके आप जब अकेले अपने रिसर्च की thesis बनाते हैं, कई लोगों के सामने conference लेते हैं तो आपके skills बढ़ते हैं और आप experience gain करते जाते हैं।

4. खुद को एक DR और विशेषज्ञ कहलाना

जी हां जब आप PhD करते हैं, तो आप खुद को एक विशेषण कहला सकते हैं, जो दूसरे लोग नहीं कर सकते। PhD करके आप अपने नाम के आगे DR लगा सकते हैं। आज इस समाज में सम्मान ऊनी को दिया जाता है जिनके पास पद होता है या फिर वह सफल होते हैं।

5. अपने क्षेत्र में योगदान देना

जब आप PhD करते हैं तो आप अपने विषय मे research कर सकते हैं और नई जानकारी को लोगों के सामने रखकर अपने क्षेत्र में योगदान दे सकते हैं।

6. दुनिया में Travel

जब आप एक विशेषज्ञ के तौर पर research करते हैं, तो आपको अपने रिसर्च को दुनिया के सामने conference के जरिए रखने का मौका मिलता है। इसी बीच आपका दुनिया भर में घूमने और अलग-अलग देशों में जाने का सपना भी पूरा होता है।

PhD करने के नुकसान

1. Big Commitment

इसे हम नुकसान तो नहीं कर सकते लेकिन अगर आपको PhD करनी है तो यह कोई आसान काम नहीं है। इसके लिए आपको बहुत मेहनत करनी पड़ेगी और PhD डिग्री हासिल करने के लिए बड़ी commitment करनी पड़ेगी।

2. Career बनाने के लिए समय

अगर आप PhD करेंगे तो आपको पढ़ाई में काफी समय देना होगा। क्योंकि PhD के लिए आपको ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद PhD की पढ़ाई करनी पड़ेगी, तो इसमें आपका career बनने में समय लगेगा। जबकि आपके ज्यादातर दोस्त ग्रेजुएशन के बाद जॉब या फिर किसी काम को लेकर career बनाने में जुट जाएंगे।

3. कम Jobs ज्यादा Competition

अगर आप PhD करके किसी विद्यालय में जॉब करना चाहते हैं, तो आपको काफी competition का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि विद्यालयों में lecturer और professor के लिए काफी कम जगह होती है, जिस वजह से आपको जॉब के लिए ऑप्शन कम मिलेंगे।

4. PhD के लिए ज्यादा समय लगना

आप में से कहीं लोग सोच कर चलेंगे कि आप PhD को उसके कोर्स के समय में पूरा कर लेंगे। लेकिन कहीं बार ऐसा होता है कि विद्यार्थियों को उनके रिसर्च पूरी करने में कोर्स के समय से ज्यादा समय लग जाता है। वह अपनी PhD की पढ़ाई समय पर पूरी नहीं कर पाते, उन्हें PhD की पढ़ाई पूरी करने में ज्यादा समय लग जाता है।

PhD से जुड़े सवाल और जवाब

PhD कोर्स कितने साल का होता है ?

PhD कोर्स पूरे 3 साल का होता है, मगर कहीं बार विद्यार्थियों को इसे पूरा करने में ज्यादा समय लगता है।

PhD करने के लिए कितनी fees होती है ?

PhD करने के लिए लगने वाली fees अलग अलग होती है। यह पूरी तरह से उन विद्यालयों पर निर्भर करता है, प्रत्येक विश्वविद्यालय की fees अलग होती है यह fix नहीं होती।

PhD के लिए Apply करने के लिए कितने Percent होने चाहिए ?

PhD के लिए आपको कम से कम 55% से लेकर 60% तक होने चाहिए। इसके बिना PhD के लिए आप apply नहीं कर सकते।

PhD डिग्री होल्डर को कितनी सैलरी मिलती है ?

PhD डिग्री होल्डर को शुरुआत में 40000 से लेकर 50000 तक सैलरी मिलती है और यह समय के साथ बढ़ती जाती है।

PhD करने की Age limit क्या है ?

PhD करने के लिए कोई age limit नहीं दी गई है। आप चाहे तो PhD को 30 की उम्र में कर सकते हैं या फिर 50 की उम्र में।

इसे भी पढ़े :- IAS क्या है ? IAS Officer के काम क्या होते है और IAS Officer कैसे बने ?


तो दोस्तों यह थी जानकारी PhD Course के बारे में, आज हमने जाना की PhD क्या है, PhD कैसे करे और PhD के फायदे और नुकसान कोनसे है।

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